निजी स्कूल रहे बंद,शिक्षा निदेशालय पर किया प्रदर्शन,महापड़ाव की दी चेतावनी देखे वीडियो
निजी स्कूल रहे बंद,शिक्षा निदेशालय पर किया प्रदर्शन,महापड़ाव की दी चेतावनी
बीकानेर। राजस्थान में शिक्षा विभाग द्वारा 'शाला संबलन' मोबाइल ऐप के माध्यम से गैर-सरकारी (निजी) विद्यालयों के अनिवार्य मासिक निरीक्षण के आदेशों के विरोध में स्कूल एजुकेशन वेलफेयर एसोसिएशन राजस्थान के प्रदेश व्यापी आवाहन के तहत आज निजी स्कूल संचालकों ने प्रदेशव्यापी आन्दोलन के तहत न केवल अपने स्कूलों को बंद रखा। बल्कि शिक्षा निदेशालय पर प्रदर्शन कर विरोध जताया।
जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने कर्मचारी मैदान मेंस्कूल संचालक इक_े होकर जुलूस के रूप में जूनागढ़ के सामने से नगर निगम, तीर्थ स्त ंभ,गंगानगर चौराहे होते हुए शिक्षा निदेशालय पहुंचे और सभा कर निदेशक को ज्ञापन सौंपा। सभा को संबोधित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष कोडाराम भादू ने कहा कि इस आदेश से प्रदेश में 'इंस्पेक्टर राजÓ कायम होगा और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा, जिससे निजी विद्यालय अत्यंत चिंतित हैं। उन्हो ंने कहा कि आरटीई अधिनियम 2009 और राजस्थान गैर-सरकारी शैक्षिक संस्था अधिनियम 1989 के तहत मान्यता प्राप्त स्कूलों को प्राप्त स्वायत्तता पर यह आघात है। सरकारी और निजी विद्यालयों के संसाधन और कार्यप्रणाली अलग हैं, अत: दोनों का मूल्यांकन एक ही पैमाने से क रना न्यायसंगत नहीं है। भादू ने कहा कि सरकारी व निजी स्कूलों के संसाधन अलग-अलग हैं,इसलिए दोनों का मूल्यांकन समान मानकों पर नहीं किया जा सकता। इस नई व्यवस्था से विद्यालयों में अनावश्यक निरीक्षण का दबाव बढ़ेगा। संचालकों का मानना है कि इससे आरटीई अधिनियम-2009 और राजस्थान गैर-सरकारी शैक्षिक संस्था अधिनियम के तहत स्कूलों को प्राप्त स्वायत्तता प्रभावित हो रही है।
एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी शैलेष भादाणी ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा निदेशक द्वारा गत 2 जुलाई को 'राज शाला संबलनÓ मोबाइल ऐप के माध्यम से गैर-सरकारी विद्यालयों के अनिवार्य मासिक निरीक्षण के लिए जारी दिशा-निर्देशों का कड़ा विरोध किया जा रहा है। इस दौरान अमिताभ हर्ष,मुकेश जाखड़,शैलेंद्र यादव,बंसी राजपुरोहित,महेंद्र,महावीर जैन,योगेश शुक्ला सहित बड़ी संख्या मेें निजी स्कूल संचालक शामिल हु ए।
जयपुर में महापड़ाव की चेतावनी
निजी स्कूल संचालकों ने शिक्षा निदेशक के माध्यम से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरटीई के लंबित भुगतान,शिक्षा संबलन निरीक्षण व्यवस्था में सुधार,यूनिट कॉस्ट वृद्धि तथा निजी स्कूलों पर लगाए गए विभिन्न प्रतिबंधों को हटाने की मांग की गई।संघर्ष समिति का कहना है कि निजी विद्यालय लंबे समय से आर्थिक और प्रशासनिक समस्याओं से जूझ रहे हैं,लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस समाधान नहीं किया गया है।निजी स्कूल संचालकों ने सरकार से शीघ्र वार्ता कर समाधान निकालने की मांग करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित होने से बचाने के लिए समय रहते निर्णय लेना जरूरी है।संघर्ष समिति ने राज्य सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निजी स्कूलों की जायज मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो राजस्थान के समस्त स्कूल संचालक जयपुर कूच करेंगे और मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर एकत्रित होकर आंदोलन के अगले चरण का शंखनाद करेंगे।
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