यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस ने की प्रेस वार्ता कहां 11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल की दी चेतावनी देखें वीडियो
बीकानेर
11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल ।
UFBU द्बारा हड़ताल के लिए नई दिल्ली सरकार से अनुमति मांगी गई, प्रदर्शन, रैली के लिए अनुमति प्रदान नहीं दी गई कि धारा 163 आचार संहिता लगी हुई है । राजस्थान सरकार खुलेआम प्रचार, प्रसारित कर रही है ।
यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर भारतीय स्टेट बैंक पब्लिक पार्क शाखा बीकानेर के समक्ष UFBU के अधिकारी एवं कर्मचारी एकत्रित होकर आचार संहिता की पालना करते हुए, यूनियन कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की गई , आज की प्रेस को वाई.के. शर्मा, रूपेश शर्मा, रामदेव राठौड़ , मुकेश शर्मा ने संबोधित किया कि आज देश भर के बैंक कर्मी 5 दिवसीय सप्ताह लागू करने की मांग, 07 दिसंबर 2023 को UFBU और IBA सहमति बनी । केन्द्र सरकार ने बैंक कर्मियों की पांच दिवसीय मांग लागू नहीं करने पर, PLI में भेदभाव, सहमति के बावजूद स्केल IV से अधिक उच्चाधिकारी को 365 दिन का PLI किया जाना समस्त बैंक कर्मियों के साथ अन्याय किया, लंबित मुद्दों को शीघ्र लागू करने, पुरानी पेंशन बहाल करने आदि । यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस व वित्त सचिव, भारतीय बैंक संघ, के मध्य 22 व 23 जनवरी 26 को श्रम आयुक्त कार्यालय, दिल्ली ने पांच दिवसीय बैंकिग सप्ताह लागू करने के लिए यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस 27 जनवरी की हड़ताल को वापस लेने की मध्यस्थता की, लेकिन DFS की हठधर्मिता के कारण बैठक बिना निर्णय के विफल होने से बैंक कर्मियो के पास हड़ताल करने के अलावा विकल्प नहीं रहा, 08 मार्च 2024 को सम्पन्न 12 वां द्विपक्षीय वेतन समझौता पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह मांग शामिल की गई । बैंक कर्मियों को मजबूरन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया । 24 व 25 मार्च को पांच दिवसीय बैंकिग सप्ताह लागू करवाने का हड़ताल का नोटिस दिया गया था । दिनांक 04 सितंबर को UFBU व IBA के साथ बिना निर्णय समाप्त होने पर श्रम आयुक्त, नई में दिनांक 08 व 09 सितंबर को UFBU व DFS की मध्यस्थता के चलते ठोस निर्णय नहीं निकले, पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह निश्चित दिनांक घोषित नहीं करने पर UFBU ने 11 सितंबर, 28 सितंबर से 30 सितंबर और 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हड़ताल पर जाने का निर्णय किया । बैंक कर्मियों का सब्र का बांध टूट गया, युवा एवं महिलाओं में जबरदस्त आक्रोश है, लम्बे अंतराल पर भी मांग नहीं उप संयोजक रामदेव राठौड़, आज प्रदर्शन सभा संबोधित करते हुए कहा कि
बैंकों में एक दो शनिवार को अवकाश स्वीकृत वर्ष 2015 किया गया, लम्बे समय से प्रमुख मांग राष्ट्रीयकृत बैंकों में विगत 10 वर्षों से लंबित 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग तथा 12वें द्विपक्षीय समझौते में यूनियनों के साथ इस मांग पर सहमति होने के बावजूद भारत सरकार द्वारा अब तक इसे लागू नहीं किए जाने के विरोध में 11 सितंबर की हड़ताल से बैंकों का 20000 करोड़ प्रभावित हुआ । अखिल भारतीय स्तर पर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर आज एक दिवसीय प्रस्तावित हड़ताल का आयोजन होगा ।
28 सितंबर से 30 सितंबर तक अखिल भारतीय स्तर पर हड़ताल कार्यक्रम प्रस्तावित है । अगर सरकार UFBU के मुद्दों का समाधान नहीं किया तो बैंक कर्मियों द्बारा 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे ।
UFBU की स्थानीय इकाई के तत्वावधान में भारतीय स्टेट बैंक पब्लिक पार्क शाखा बीकानेर के बाहर प्रदर्शन आयोजित किया गया । अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भाग लिया जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही । प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए सरकार के विरुद्ध पांच दिवसीय सप्ताह लागू नहीं करने, PLI में असमानता रखने, लंबित मुद्दों को शीघ्र लागू करने, प्रदर्शनकारियों ने जबरदस्त नारेबाजी कर आक्रोश व्यक्त किया।
UFBU के विभिन्न घटक दलों के वक्ताओं राकेश ओला, मनोज सैनी, रमन ठाकुर, करन, हर्ष , श्याम सुंदर, इंद्रजीत राजेंद्र चौधरी राकेश ओला, छोटू लाल चांवरिया रजनीश, सुनील दत्त नागल, जय शंकर जे पी आर वर्मा गुल्लू, IBA व केन्द्र सरकार के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी कर सरकार को चेतावनी दी गई कि बैंकों पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू नहीं किया, PLI सभी को 15 दिन का भुगतान, समानता नहीं रखी, पुरानी पेंशन बहाल करने नहीं किया गया, तो आंदोलन, संघर्षों को आगे बढ़ाएंगे और जरूरत पड़ने पर देश का बैक कर्मी अपनी जायज मांगों को लेकर हड़ताल करने पर मजबूर हो जाएंगे ।भारत सरकार के स्वयं के कार्यालयों, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), बीमा क्षेत्र, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI), नाबार्ड सहित अनेक संस्थानों में पहले से ही 5 दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है, इसके बावजूद राष्ट्रीयकृत बैंकों में इसे लागू न करना वित्त मंत्रालय एवं आईबीए की हठधर्मिता को दर्शाता है, जिसके लिए सरकार पूर्णतः जिम्मेदार है।जबकि वर्क लाइफ बैलेंस सिद्धांत की वकालत करने वाली सरकार स्वयं ही बैंक कर्मियों की इस दिशा में जायज मांग नहीं मान रही है।
इस आंदोलन में कई सेवा निवृत्त बैंक कर्मचारियों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई और आंदोलनरत कर्मचारियों के समर्थन में नारे लगाकर युवाओं का उत्साहवर्धन किया
यूएफबीयू ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार शीघ्र ही 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं मांगे जाने पर देश और उग्र आंदोलन बैंक कर्मियों द्बारा किया जाएगा ।
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