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ड्रोन सर्वे और भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा जारी सर्वे सूची को लेकर ग्रामीणों में रोष कलेक्ट्रेट के आगे की आप प्रदर्शन देखें वीडियो

Bikaner Jul 20, 2026 Super Admin 23
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ड्रोन सर्वे और भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा जारी सर्वे सूची को लेकर ग्रामीणों में रोष कलेक्ट्रेट के आगे की आप प्रदर्शन देखें वीडियो

बीकानेर | कतरियासर
ग्राम पंचायत कतरियासर में ड्रोन सर्वे और भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा जारी सर्वे सूची को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। ग्रामीणों ने पंचायत समिति प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि ड्रोन सर्वे और मैप-2.0 का कार्य बिना उचित भौतिक सत्यापन और जांच के तैयार किया गया है, जिससे कई पात्र परिवारों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत द्वारा जारी सार्वजनिक नोटिस के तहत प्राप्त सर्वे सूची में कई ऐसे पट्टाधारकों के नाम शामिल हैं, जिनके आवासीय और रिहायशी पट्टों का मौके पर कोई वास्तविक सर्वे नहीं किया गया। उनका आरोप है कि केवल औपचारिकता निभाते हुए सर्वे पूरा कर लिया गया, जबकि पुराने पंचायत राज नियमों के तहत जारी वैध पट्टों का सही ढंग से सत्यापन नहीं हुआ।
आपत्ति पत्र में वर्ष 1991 एवं 2009 में जारी कई पट्टों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि इन पट्टों को सर्वे सूची में उचित स्थान नहीं मिला है। ग्रामीणों का दावा है कि वर्षों से अपने वैध पट्टों पर रह रहे परिवारों के अधिकारों की अनदेखी की गई है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि ड्रोन सर्वे के दौरान कई अन्य रिहायशी पट्टों का भी न तो सर्वे किया गया और न ही उनकी कोई जांच की गई, जिससे सैकड़ों परिवार प्रभावित हो सकते हैं। उनका कहना है कि यदि सर्वे की त्रुटियों में सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में भूमि संबंधी विवाद बढ़ सकते हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ड्रोन सर्वे मैप-1.0 एवं भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा जारी मैप-2.0 और सर्वे सूचियों की निष्पक्ष जांच कराते हुए दोबारा सर्वे कराया जाए। साथ ही सभी पात्र पट्टाधारकों और प्रभावित परिवारों को पुनः सर्वे प्रक्रिया में शामिल किया जाए ताकि किसी के वैधानिक अधिकार प्रभावित न हों।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी आपत्तियों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे कानूनी कार्रवाई का सहारा लेने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रस्तुत आपत्ति पत्र को भविष्य की न्यायिक कार्रवाई के लिए भी सुरक्षित रखा जाएगा।

https://youtu.be/JfTBtZnBIts

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