'गौ-सम्मान आह्वान' अभियान के तहत संत समाज ने निकाला पैदल मार्च देखे वीडियो
बीकानेर। गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने और देशभर में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर चल रहे 'गौ-सम्मान आह्वान' अभियान के तहत संत समाज ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया तो जनवरी के बाद आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। संतों ने कहा कि ये पूरी तरह अहिंसक आंदोलन है,लेकिन यदि सरकार ने अब भी अनदेखी की तो देशव्यापी जनआंदोलन का स्वरूप और व्यापक होगा।देशभर में चल रहे गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत देश के करीब 790 जिला मुख्यालयों परहस्ताक्षर अभियान और ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किए गए। सरजूदास जी महाराज ने कहा कि 11 लाख हस्ताक्षर एकत्र कर एडीएम को ज्ञापन सौंपा। डॉ करणीसिंह स्टेडियम से गौ भक्तों का काफिला रवाना हुआ। भजन कीर्तन करते गाौभक्त जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां गौमाता को राष्ट्रमाता या राष्ट्र आराध्या का दर्जा देने की मांग दोहाराई। महाराजश्री ने कहा कि ये आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और अहिंसक है,लेकिन दुख की बात है कि सरकार ऐसे आंदोलनों की अनदेखी करती है। उनका कहना था कि संत समाज किसी प्रकार की हिंसा,तोडफ़ोड़ या कानून हाथ में लेने में विश्वास नहीं रखता,बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचा रहा है। महाराज ने कहा कि 27 अक्टूबर को संत समाज के साथ गौभक्त जयपुर कूच करेंगे और उसके बाद दिल्ली जाएंगे। इस मौके पर विशोकानंद महाराज सहित अनेक साधू संत शामिल रहे।
केंद्रीय कानून बनाने की मांग
संतों ने कहा कि वर्तमान में अलग-अलग राज्यों में गौ संरक्षण के अलग-अलग कानून हैं,जिससे गोतस्करी पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। उनका तर्क था कि राजस्थान जैसे राज्यों में गोहत्या पर प्रतिबंध होने के बावजूद यहां से गौवंश को दूसरे राज्यों में ले जाकर उसकी हत्या की जाती है। इसलिए पूरे देश में एक समान और सख्त केंद्रीय कानून बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब धारा 370 हट सकती है और अयोध्या में राम मंदिर बन सकता है,तो गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने में देरी क्यों हो रही है। ये केवल किसी एक राज्य का नहीं, बल्कि पूरे देश और केंद्र सरकार के स्तर का विषय है।
ये प्रमुख मांगें भी रखीं :
गौमाता को राष्ट्रमाता अथवा राष्ट्र आराध्या का दर्जा दिया जाए
पूरे देश में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए केंद्रीय कानून बनाया जाए
हर ग्राम पंचायत स्तर पर नंदीशाला स्थापित की जाए
गौ शालाओं को मनरेगा से जोड़ा जाए
गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए
गोतस्करी और गौ हत्या में शामिल लोगों के लिए आजीवन कारावास का प्रावधान किया जाए
गोतस्करी में प्रयुक्त वाहनों की स्थायी जब्ती की जाए.
कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी फंड का एक हिस्सा गौ सेवा के लिए निर्धारित किया जाए
हमसे जुड़ें



