रेंज आई जी ओमप्रकाश ने की प्रेस वार्ता अपराधों के छ महीने के डेटा किए शेयर देखे वीडियो
बीकानेर रेंज आई जी ओमप्रकाश मेघवाल ने पत्रकारों से प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि हमारी दो तरह की कारवाईया है। एक तो यह है कि हम सख्ती करें और जितने भी एनडीपीएस के केसेस है जैसे मैंने आपको बताया कि चार गुना कार्यवाही हमने वर्ष 2025 के मुकाबले में लास्ट सिक्स मंथ में की है। 2025 में 20 किलो हीरोइन का सीजर हुआ था। अभी छ महीने में 82 किलो हुआ है। इसी तरह से फायर आर्म्स के मामले में हमने बहुत अच्छी कारवाई जो है वो की है और चार साल में जितने विदेशी हथियार बरामद नहीं हुए थे उतने छ महीने में हमने उससे ज्यादा बरामद कर लिए हैं। एक्साइज एक्ट में कंपेरेटिवली हमारी कारवाई ज्यादा है। क्वांटिटी वाइज भी बहुत अच्छी है। सबसे बड़ी चीज है इनामी अपराधी। तो जो इनामी अपराधी पूरे साल भर में 287 2025 में गिरफ्तार किए गए थे उससे ज्यादा 300 के लगभग हमने इस छ महीने में इनामी अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। इसमें ज्यादातर बड़े इनामी अपराधी है। 25000 और 500 के छोटे-मोटे अपराधी नहीं है। दूसरा गैंगस्टर के विरुद्ध जो कारवाई जो है वो बड़ी हमने संगठित तरीके से की और वर्ष 2025 में 16 गैंगस्टर के खिलाफ कारवाई हुई थी वो लगभग 96 है। छह गुना ज्यादा कारवाई छ महीने में एक साल के मुकाबले में हुई है और इसी के साथ बीएएस और के अपराधों में 11% के लगभग डिक्लाइन हुआ है। महिला अत्याचार और एससी एसटी के मामले में मैंने बताया कि आपको लगभग 37% का डिक्लाइन है एससी एसटी के केसेस में और उसमें थोड़ा 32 के आसपास है एससी के केसेस में और महिला अत्याचारों भी हमारी जो है 19% के लगभग डिक्लाइन है। चोरी और नकबदनी में हमें और कारवाई करने की आवश्यकता है। चोरियां बढ़ी है लेकिन नकबदनी कम हुई है। बरामदगी प्रतिशत हमारा स्टेट एवरेज से अधिक है। रोड एक्सीडेंट में हमारी जो है 10% का डिक्लाइन है। अकेले बीकानेर में 18% के लगभग जो रोड एक्सीडेंट में डिक्लाइन हुआ था। हम तो ये चाहते हैं कि रोड एक्सीडेंट हो ही ना। तो कोशिश ये रहना चाहिए कि रोड एक्सीडेंट में कोई ना कोई डेथ ना हो। एक सवाल के जवाब में रेंज आई जी ने कहा कि पुलिस के ट्रेडिशनल तरीके हैं वो कांस्टेबल से लेके आईजी तक या सारा टीम वर्क है हमारा बेसिकली एसएओ ने उसमें फोकस किया मेहनत की एक्टिव रहे अलर्ट रहे टेक्निकल सर्लेंस इंप्रूव हुई आपका जनता से सूचनाएं ज्यादा ज्यादा आई लोगों में हमारा जो पेनिट्रेशन ज्यादा था तो उसी के परिणाम दूसरा एक थाना लेवल पे जो हमारी एक्टिवनेस ज्यादा रही नशे को रोकने के लिए किस तरह से प्रयास आपने जी की बात करी अवेयरनेस का भी फर्क पड़ रहा है यस यस अवेयरनेस का फर्क पड़ा नशे को रोकने के लिए हमने बताया कि जो हर गली मोहल्ला छोटा-छोटा जो जगह है वहां जाकर के उनको करना और उसके जाके सर्च करके उनको पकड़ना और उसके अलावा जो आपको शुरू में मैंने बताया था कि इसकी जो स्टार्टिंग और उसका फिनिश उसको संरक्षण देने वाले प्रोत्साहित करने वाले उनको फंडिंग करने वाले इन सबको गिरफ्तार करेंगे तो ही पूर्णत समाप्त हो पाएगा। इसमें बहुत ज्यादा कारवाई करने की दैनिक यह डे बाय डे कारवाई करने की आवश्यकता यह नहीं कि मैंने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस करके आपको बता दिया कि मेरे आंकड़े अच्छे हैं कि आंकड़े और भी अच्छे हो सकते हैं। इसमें हमें और भी कारवाई करने की आवश्यकता है और कभी हमें इस पे सेटिस्फाई नहीं होना चाहिए कि मैंने मेरा काम अच्छा कर लिया। बहुत अधिक स्कोप है नशे में, गैंग्स में, आपके वेपन्स में इनमें कारवाई करने का निरंतर स्कोप और भी अधिक है। अपराधियों में किस तरह का एक मैसेज देना चाह रहे हैं जो एक समाज के लिए है? हमारा ट्रेडिशनल तरीके हैं। अपराधियों का मैसेज करने का तो यही है कि आपको ट्रायल करवा के जो जो भी हमारे जो जुडिशियल सिस्टम है उसमें उनको बार-बार मैं यही कहता हूं कि ट्रायल करा के एसपीडी ट्रायल करके स्ट्रांग इन्वेस्टिगेशन और कन्विक्शन ओनली वन थिंग कन्विक्शन।
ओमप्रकाश मेघवाल, रेंज आई जी बीकानेर
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