बेजुबान कबूतर को अवैध रूप से पकड़कर ले जाने के विरोध में वन्य जीव प्रेमियों में आक्रोश देखें वीडियो
नगर निगम बीकानेर के कर्मचारियों द्वारा सरकारी ट्रैक्टर का दुरुपयोग कर बेजुबान कबूतर पक्षियों को अवैध रूप से पकड़कर ले जाने के विरुद्ध पशु क्रूरता अधिनियम 1960, वन्य जीव अधिनियम 1972 एवं सरकारी पद का दुरुपयोग करने पर संबंधित पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज कर कठोर
सविनय निवेदन है कि दिनांक 31.07.2026 को दिन में PBM हॉस्पिटल के पीछे, मेडिकल कॉलेज के सामने सर्किल पर चुग्गा स्थल से नगर निगम बीकानेर के सफाई कर्मचारियों द्वारा सरकारी ट्रैक्टर पर सवार होकर 4-5 बेजुबान कबूतर पक्षियों को अवैध रूप से पकड़कर सरकारी वाहन में डालकर ले जाया जा रहा था।
*घटना का विवरण:*
1. *आंखों देखी घटना:* वन्य जीव प्रेमी श्री विकास बिश्नोई, रक्तवीर सेवा संस्थान PBM हॉस्पिटल के अध्यक्ष श्री राजेश गोदारा, श्री अमरचंद, श्री महेंद्र सिंह राजावत आदि ने इन कर्मचारियों को पक्षियों को पकड़कर ट्रैक्टर में डालते देखा।
2. *भागते हुए पकड़ा:* आरोपियों ने भरे बाजार में ट्रैक्टर भगा दिया। वन्य जीव प्रेमियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर भागते ट्रैक्टर का पीछा किया और आवाज लगाकर रोकने का प्रयास किया।
3. *पुलिस द्वारा कार्रवाई:* गंगानगर उर्मूल सर्कल पर खड़े यातायात पुलिस कर्मियों ने नाका लगाकर सरकारी ट्रैक्टर को रोका। तलाशी में ट्रैक्टर से 5 जीवित कबूतर बरामद हुए। सभी के सामने लाइव वीडियो बनाकर पक्षियों को आजाद किया गया।
4. *विभाग को सूचना:* घटना की सूचना तुरंत पुलिस विभाग, वन विभाग एवं नगर निगम को दी गई। परन्तु अपराधी प्रवृत्ति के नगर निगम कर्मचारियों के विरुद्ध आज दिनांक तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।
*गंभीर अनियमितताएं:*
1. *पशु क्रूरता:* कबूतर पक्षियों को पकड़ना, कैद करना व परिवहन करना पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 का उल्लंघन है।
2. *सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग:* सरकारी ट्रैक्टर व सरकारी समय का उपयोग निजी स्वार्थ व अपराध के लिए किया गया। ये भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम व सेवा नियमों का उल्लंघन है।
3. *वन्य जीव पहलू:* यदि पकड़े गए पक्षी अनुसूचित में आते हैं तो वन्य जीव अधिनियम 1972 भी लागू होगा।
4. *आपराधिक मंशा:* कर्मचारियों का कहना था कि "पक्षियों को घर ले जाकर हत्या करेंगे"। इससे स्पष्ट है कि इनका उद्देश्य मांस के लिए शिकार करना था।
1. नगर निगम बीकानेर आयुक्त को निर्देशित कर उक्त कर्मचारियों के विरुद्ध *पशु क्रूरता अधिनियम 1960 की धारा 11, IPC की धारा 429, 447 व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम* में संबंधित पुलिस थाने में तत्काल FIR दर्ज करवाई जाए।
2. दोषी कर्मचारियों को तुरंत निलंबित कर विभागीय जांच की जाए व सरकारी ट्रैक्टर का दुरुपयोग करने पर वसूली की जाए।
3. पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच करवाई जाए कि ये लोग कब से इस तरह का अपराध कर रहे हैं और कितने पक्षियों की हत्या कर चुके हैं।
4. नगर निगम के सभी वाहनों में GPS व कैमरा लगाने के निर्देश दिए जाएं ताकि भविष्य में सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग न हो
मोखराम बिश्नोई धारणिया
अध्यक्ष, जीव रक्षा संस्था, बीकानेर
पूर्व मानद वन्य जीव प्रतिपालक, बीकानेर
मोबाइल: 94137 70261
दिनांक: 01.08.2026
*प्रतिलिपि सूचनार्थ एवं कार्रवाई हेतु:*
1. श्रीमान आयुक्त, नगर निगम, बीकानेर
2. श्रीमान पुलिस अधीक्षक, बीकानेर
3. श्रीमान उप वन संरक्षक, वन्य जीव, बीकानेर
4. श्रीमान संबंधित पुलिस थाना अधिकारी, बीकानेर
https://youtube.com/shorts/cjUPgKtBArQ
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