प्रसुता की मौत के बाद धरना दूसरे दिन जारी दी चेतावनी मांगे नहीं मानी तो नहीं उठाएंगे शव देखे वीडियो
मांगे नहीं मानी तो नहीं उठाएंगे शव
बीकानेर। पीबीएम अस्पताल में दो प्रसूताओं की मौत का मामला गर्माता जा रहा है। जहां एक ओर कांग्रेस इस प्रकरण को लेकर सरकार पर हमलावर है और 12 दिनों से अस्पताल परिसर में धरना देकर विरोध जता रही है। वहीं दूसरी ओर दूसरी मृतक प्रसूता के परिजनों ने मोर्चरी के बाहर धरना देकर शव नहीं उठाने की चेतावनी दे डाली है। समाज के नेता सीताराम नायक की अगुवाई में चल रहे धरने के दूसरे दिन भी शारदा नायक को न्याय दिलाने की मांग कर रहे है। आक्रोशित लोगों का आरोप है कि पीबीएम अधीक्षक को बर्खास्त किया जाएं तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और इस प्रकरण में दोषियों को सजा मिले। आखिर किस कारण इतनी प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ी। इसका पर्दाफाश होना चाहिए। अगर हमारी मांगे नहीं मानी गई तब तक शव नहीं उठाया जाएगा। आपको बता दें कि पीबीएम अस्पताल में प्रसव के बाद किडनी फेल होने से मेडिसिन आईसीयू में भर्ती प्रसूता शारदा ने भी उपचार के दौरान रविवार को दम तोड़ दिया। प्रसूता प्रीति की मौत के बाद अस्पताल में यह दूसरी प्रसूता की जान गई है।
साढ़े पांच महीने में मौत का आंकड़ा पहुंचा 15
जिले में इन साढ़े पांच महीने में प्रसव के बाद प्रसूताओं की मौत का आंकड़ा 15 तक पहुंच गया है।अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में प्रसूताओं की मौत का मुख्य कारण खून की कमी,अत्यधिक रक्तस्राव,हाई बीपी,इंफेक्शन और किडनी फेल होने सहित कई तरह के गंभीर संक्रमण रहे हैं। प्रीति के बाद अब शारदा की मौत से कुल मौतों का आंकड़ा और बढ़ गया है,जिससे पीडि़त परिवारों में गहरा आक्रोश है। प्रशासन की ओर से पूर्व में ड्रग कंट्रोलर विभाग द्वारा लिए गए 32 तरह की दवाओं के सैंपलों की रिपोर्ट का अब भी इंतजार किया जा रहा है।
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