गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं पर हुए भर्ती: पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामले पर चिकित्सा मंत्री बोले
पीबीएम अस्पताल में डिलीवरी के बाद महिलाओं की तबीयत बिगड़ने के मामले में गुरुवार को चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने विस्तृत प्रेस वार्ता कर पूरे घटनाक्रम पर सरकार और चिकित्सा विभाग का पक्ष रखा। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि बीकानेर की घटना की तुलना कोटा के मामले से नही की जा सकती, क्योंकि दोनो घटनाओ की परिस्थितियां और चिकित्सकीय जटिलताए पूरी तरह अलग हैं। उन्होंने दावा किया कि अस्पताल में भर्ती अधिकांश महिलाए पहले से ही गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और कॉम्प्लीकेशन्स के साथ पीबीएम पहुंची थी तथा चिकित्सकों ने उनकी जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए।
प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री खींवसर ने कहा कि महिलाओं की हालत पीबीएम अस्पताल पहुंचने से पहले बिगडी हुई थीं। पीबीएम के चिकित्सकों और मेडिकल टीम ने समय रहते उपचार कर अधिकांश महिलाओं की जान बचाई। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली गर्भवती महिलाओं में अक्सर एनीमिया, पोषण की कमी, उच्च रक्तचाप, संक्रमण और अन्य कॉम्प्लीकेशन्स देखने को मिलते हैं, जिससे प्रसव के दौरान जोखिम बढ जाता है।
मंत्री ने कहा कि इस दौरान भीषण गर्मी डिहाइड्रेशन को भी महिलाओं की तबीयत बिगड़ने एक संभावित कारण बताया। उनका कहना था अत्यधिक तापमान और पानी की कमी गर्भव महिलाओं के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है।
बाईट - गजेन्द्र सिंह खीवसर (चिकित्सा मंत्री )
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