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चिकित्सा मंत्री के बयान पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने मंत्री पर साधा निशाना: पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष

Bikaner Jun 12, 2026 Super Admin 218
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पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष

बीकानेर। पीबीएम अस्पताल में छह प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामले ने अब राजनीतिक रंग पकड़ लिया है। चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बयान के विरोध में शुक्रवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश कांग्रेस सचिव सारिका सिंह के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चिकित्सा मंत्री का पुतला फूंककर नारेबाजी की और उनके इस्तीफे की मांग उठाई।प्रदर्शन से पहले सारिका सिंह ने पीबीएम अस्पताल पहुंचकर प्रभावित महिलाओं और उनके परिजनों से मुलाकात की। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने चिकित्सा मंत्री के उस बयान पर तीखा हमला बोला, जिसमें मंत्री ने प्रसूताओं की पूर्व स्वास्थ्य स्थिति को लेकर टिप्पणी की थी। सारिका ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या कोई महिला प्रसव पीड़ा में नाचती-गाती अस्पताल आती है? एक प्रसूता असहनीय दर्द और मानसिक तनाव की स्थिति में अस्पताल पहुंचती है और चिकित्सकों को भगवान मानकर अपना जीवन उनके भरोसे छोड़ देती है।उन्होंने आरोप लगाया कि प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के पीछे अस्पताल प्रशासन की गंभीर लापरवाही हो सकती है। सारिका सिंह ने कोटा में हुए प्रसूता मौत कांड का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी इंजेक्शन की गुणवत्ता पर सवाल उठे थे और जांच में कई गंभीर तथ्य सामने आए थे। उन्होंने मांग की कि बीकानेर मामले की भी निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।कांग्रेस नेता ने राज्य सरकार पर सरकारी अस्पतालों में दवाइयों और चिकित्सा सुविधाओं की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि मरीजों को मजबूरन बाहर से दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि सिजेरियन डिलीवरी के बाद रक्तस्राव और संक्रमण की आशंका रहती है तो अस्पताल प्रशासन को पहले से सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने चाहिए थे।सारिका सिंह ने कहा कि प्रदेश में लगातार चिकित्सा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार जिम्मेदारी तय करने के बजाय बचाव की राजनीति कर रही है। उन्होंने चिकित्सा मंत्री से तत्काल इस्तीफा देने और प्रदेश की महिलाओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की तो कांग्रेस प्रदेशभर में आंदोलन तेज करेगी। सारिका सिंह ने कहा कि पीबीएम अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर जुटाए गए तथ्यों से पार्टी नेतृत्व को अवगत कराया जाएगा और आगे की रणनीति तय की जाएगी।पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की बिगड़ी हालत को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब चिकित्सा व्यवस्थाओं और सरकार की जवाबदेही पर बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है।

https://youtu.be/haV4qnzNEQY

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