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नागणेची जी माता मंदिर की लिफ्ट सही करने की मांग को लेकर श्रद्धालुओं ने कलेक्ट्रेट के आगे किया प्रदर्शन देखें वीडियो

Bikaner Jun 16, 2026 Super Admin 43
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नागणेची जी माता मंदिर की लिफ्ट सही करने की मांग को लेकर श्रद्धालुओं ने कलेक्ट्रेट के आगे किया प्रदर्शन देखें वीडियो

नागणेची जी माता मंदिर की लिफ्ट खराब,मंदिर परिसर की जर्जर स्थिति,हो न जाएं कोई हादसा
बीकानेर। प्रसिद्ध श्री नागणेची जी माता मंदिर की जर्जर स्थिति हादसे को निमंत्रण दे  रही है।  हालात यह है कि मंदिर की लिफ्ट भी लंबे समय से खराब होने के कारण यहां आने वाले दिव्यांग,वृद्ध श्रद्धालुओं को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर सजग नागरिकों ने जिला कलक्टर कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। बुजुर्ग श्रद्धालु ने बताया कि जिले सहित समस्त ग्रामीण क्षेत्र की जनता की गहरी आस्था का प्रमुख धार्मिक केंद्र है। यह मंदिर अनेक परिवारों की कुलदेवी का मंदिर होने के कारण प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालुओं द्वारा दर्शनार्थ आया जाता है। मंदिर ऊंचाई पर स्थित होने के कारण श्रद्धालुओं को सीढियों के माध्यम से माता के निज मंदिर तक पहुंचना पड़ता है।वरिष्ठ नागरिकों,दिव्यांगजनों, घुटनों के दर्द से पीडि़त व्यक्तियों तथा हार्ट पेशेंट श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यहां सरकारी बजट से लिफ्ट का निर्माण किया गया था,जिसकी देखरेख एवं रखरखाव देवस्थान विभाग के अधीन है। किंतु अत्यंत खेद का विषय है कि लिफ्ट के गेट का सेंसर खराब होने एवं समय पर रखरखाव नहीं होने के कारण यह लिफ्ट लंबे समय से बंद पड़ी हुई है। इसके कारण दिव्यांग,बुजुर्ग एवं बीमार बद्धालुओं को माता के दर्शन हेतु अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
नहीं है रैंप की कोई व्यवस्था
मजे की बात तो यह है कि मंदिर तक पहुंचने के लिए किसी वैकल्पिक रैंप की व्यवस्था भी उपलब्ध नहीं है। परिणामस्वरूप अनेक श्रद्धालु सीढिय़ां चढऩे में असमर्थ रहते हैं और उन्हें बिना दर्शन किए अथवा केवल ध्वजा दर्शन कर बापस लौटना पड़ता है। यह स्थिति श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली है तथा प्रशासनिक उपेक्षा को भी दर्शाती है।इसके अतिरिक्त मंदिर परिसर की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। कई वर्षों से मंदिर का समुचित जीर्णोद्धार नहीं होने के कारण मुख्य भवन की छत से वर्षा ऋतु में पानी टपकता है। मंदिर परिसर में स्थित महादेव मंदिर, चामुंडा माता मंदिर तथा बाहरी बरामदे भी जर्जर अवस्था में पहुंच चुके है। इन स्थानों पर किसी भी समय दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है, जिससे श्रद्धालुओं की जान-माल को खतरा उत्पन्न सकता है।इस संबंध में पूर्व में भी जिला प्रशासन एवं देवस्थान विभाग को अनेक बार मौखिक एवं लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है, किंतु आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो बद्धालुओं में भारी रोष व्याप्त है।

https://youtu.be/5hTPSpo4czw

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