रोड पर घायल पड़ा था लेपर्ड, बचाने गई वन विभाग की टीम तो अचानक कर दिया हमला
राजस्थान के उदयपुर शहर में अक्सर लेपर्ड आस-पास के जंगलों से निकलकर शहरी क्षेत्र में आ जाते हैं. कल, बुधवार 3 जून की रात को भी उदयपुर के चित्रकूट नगर इलाके में एक लेपर्ड के आबादी वाले इलाके में देखे जाने की घटना सामने आई. चित्रकूट नगर में एक लेपर्ड रोड पर घायल पड़ा हुआ नजर आया. इसकी सूचना वन विभाग को दी गई और उनकी टीम इसके बाद मौके पर पहुंच गई. उन्होंने उस लेपर्ड की मदद करने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान लेपर्ड ने वन विभाग के लोगों पर हमला कर दिया. हालांकि बाद में लेपर्ड को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया.

किसी वाहन से टकराने के बाद लेपर्ड घायल हो गया था
क्या है पूरी घटना
उदयपुर के चित्रकूट नगर में गत देर रात एक लेपर्ड रास्ते पर घायल पड़ा देखा गया. ऐसा समझा जाता है कि शायद चित्रकूट नगर मार्ग पर वह किसी वाहन की चपेट में आ गया था. टक्कर के बाद लेपर्ड घायल अवस्था में पड़ा था. लोगों ने सबसे पहले इसकी सूचना सुखेर थाना पुलिस को दी. इसके बाद वन विभाग की टीम को जानकारी दी गई जिन्होंने अपनी टीम को घटनास्थल पर रवाना किया.

वन विभाग की टीम ने लेपर्ड को पहले बेहोश करने के लिए शूट किया
हालांकि, वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचतीं, इससे पहले लेपर्ड घसीटता हुआ रास्ते के किनारे की झाड़ियों में चला गया. वन विभाग की टीम ने पहुंचने के बाद अंधेरे में ही उसकी तलाशी शुरू की. टीम में लेपर्ड को बेहोश करने के लिए गोली चलानेवाले शूटर भी थे. जैसे ही लेपर्ड झाड़ियों दिखा शूटर ने गोली चलाई और उसे ट्रेंकुलाइज कर दिया.

लेपर्ड वन विभाग की टीम के आने तक पास की झाड़ियों में चला गया
लेपर्ड ने कर दिया हमला
बेहोश करने के लिए गोली चलाने के बाद वन विभाग की टीम इंतजार करती रही. सामान्य रूप से ट्रेंकुलाइज के लिए निशाना लगाने के 20 से 25 मिनट बाद लेपर्ड बेहोश हो जाते हैं. इसी तय समय के बाद वन विभाग की टीम लेपर्ड के पास पहुंची. लेकिन लेपर्ड पूरी तरह से बेहोश नहीं हुआ था और हल्के होश में था. उसने टीम के नजदीक आते ही अचानक हमला कर दिया.
हमले में रेस्क्यू टीम के कुछ सदस्य घायल हो गए, हालांकि चोट जानलेवा नहीं थी. इसके बाद टीम ने जाल डालकर लेपर्ड को पकड़ा और उसे रेस्क्यू कर सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क ले जाया गया.
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