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पूर्व कांग्रेस ओबीसी प्रदेश सचिव ने कांग्रेस पार्टी को इस्तीफा देने के बाद भाजपा का थामा दामन देखें वीडियो

Bikaner Oct 23, 2026 Super Admin 82
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पूर्व कांग्रेस ओबीसी प्रदेश सचिव ने कांग्रेस पार्टी को इस्तीफा देने के बाद भाजपा का थामा दामन देखें वीडियो

बीकानेर
कांग्रेस में महिलाओं के सम्मान और न्याय की कमी से आहत होकर नवनीत कौर ने थामा भाजपा का दामन

महिला कार्यकर्ताओं से केवल धरना-प्रदर्शन और रैलियों में भीड़ जुटाने का काम लिया जाता है, लेकिन जब सम्मान और पद देने की बारी आती है, तब उनकी अनदेखी होती है — नवनीत कौर

मैं, नवनीत कौर, कांग्रेस में लंबे समय तक कार्य करते हुए संगठन के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ धरातल पर काम करती रही हूं। लेकिन पार्टी के भीतर लगातार उपेक्षा, महिलाओं के सम्मान की कमी और कार्यकर्ताओं के साथ हो रहे भेदभाव से आहत होकर मैंने कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा देने तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने का निर्णय लिया है।
मेरा सवाल है कि कांग्रेस में महिला कार्यकर्ताओं को सम्मान और न्याय आखिर कब मिलेगा?
आज रितु बराला प्रकरण को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गोविंद सिंह डोटासरा आवाज उठा रहे हैं। महिलाओं के साथ अन्याय के मामलों में आवाज उठाना जरूरी है, लेकिन मेरा सवाल यह भी है कि संगठन के भीतर वर्षों से काम कर रही अपनी महिला कार्यकर्ताओं की पीड़ा कौन सुनेगा? जब अपनी ही टीम की महिलाएं उपेक्षा और भेदभाव का सामना करती हैं, तो उनके लिए न्याय की आवाज कौन उठाएगा? क्या महिला कार्यकर्ताओं का सम्मान केवल राजनीतिक मुद्दों तक सीमित रहना चाहिए, या उन्हें संगठन के भीतर भी बराबरी का अधिकार मिलना चाहिए?
मैंने लंबे समय तक कांग्रेस के लिए धरना-प्रदर्शन, रैलियों, बैठकों और अन्य संगठनात्मक कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाई है। लेकिन जब संगठन में जिम्मेदारी, पद और सम्मान देने की बारी आती है, तब मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं की अनदेखी होती दिखाई देती है। महिला कार्यकर्ताओं से कार्यक्रमों में भीड़ जुटाने और संगठन का काम करवाने की अपेक्षा तो की जाती है, लेकिन उन्हें उचित प्रतिनिधित्व और सम्मान देने के समय पीछे छोड़ दिया जाता है।
मैं स्पष्ट कहना चाहती हूं कि महिला कार्यकर्ता केवल भीड़ जुटाने का माध्यम नहीं हैं। वे संगठन की ताकत हैं और उन्हें भी सम्मान, अधिकार तथा नेतृत्व में उचित भागीदारी मिलनी चाहिए।
मेरे लिए राजनीति केवल पद प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि जनसेवा, स्वाभिमान और सिद्धांतों पर चलने का रास्ता है। जिस संगठन में वर्षों की मेहनत और समर्पण के बावजूद कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान और अवसर मिलने की उम्मीद कमजोर पड़ जाए, वहां आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ने के लिए नए रास्ते चुनना जरूरी हो जाता है। इन्हीं परिस्थितियों से निराश और आहत होकर मैंने कांग्रेस छोड़ने का निर्णय लिया।
मैंने भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का फैसला इस विश्वास के साथ किया है कि महिलाओं को सम्मान, नेतृत्व में भागीदारी और आगे बढ़ने के अवसर मिलें। भाजपा की राजनीति में राष्ट्रवाद, राष्ट्रीय सुरक्षा, मजबूत नेतृत्व और विकास जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी जाती है। मेरा मानना है कि राजनीति की असली पहचान केवल नारों से नहीं, बल्कि स्पष्ट नीतियों, निर्णायक नेतृत्व और जमीन पर दिखाई देने वाले कार्यों से होती है।
मेरे लिए महिला सम्मान, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, विकास और राष्ट्रहित सर्वोपरि हैं। मैं चाहती हूं कि युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें, महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान मिले, गरीबों को बेहतर जीवन के अवसर मिलें तथा समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।
मेरा यह निर्णय किसी व्यक्तिगत पद की नाराजगी भर नहीं, बल्कि अपने राजनीतिक भविष्य, आत्मसम्मान और सिद्धांतों के आधार पर लिया गया फैसला है। मैं अब भाजपा के साथ रहकर जनसेवा, महिला सम्मान और विकास के मुद्दों पर पूरी निष्ठा से कार्य करना चाहती हूं।

सिद्धांतों से अब समझौता नहीं, अब आगे का रास्ता अलग है।

— नवनीत कौर
पूर्व कांग्रेस ओबीसी प्रदेश सचिव
भारतीय जनता पार्टी में शामिल

https://youtu.be/Wl5brDZcwB4

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